
खबर सामने आते ही हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग, सिविल सर्जन ने दिए सफाई और ढक्कन लगाने के निर्देश
सासाराम: रोहतास जिले के सासाराम सदर अस्पताल में पेयजल व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों को जिस पानी टंकी से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा था, वह लंबे समय से खुली और गंदगी से भरी हुई थी। ऐसे में अस्पताल में इलाज कराने आने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर ही खतरा मंडरा रहा था। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान यह खुलासा हुआ कि अस्पताल की पानी टंकी बिना ढक्कन के खुली पड़ी थी और उसके भीतर गंदगी जमा थी। बरसात और उमस भरे मौसम में खुले जलस्रोत मच्छरों के पनपने तथा जलजनित बीमारियों के फैलने का कारण बन सकते हैं।
इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों और मरीजों का कहना है कि यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई थी। मजबूरी में मरीज और उनके परिजन इसी टंकी का पानी पीने को विवश थे। लोगों ने इसे स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर रोहतास के सिविल सर्जन डॉ. मणि राजरंजन ने कहा कि उन्हें पहले इस स्थिति की जानकारी नहीं थी।
उन्होंने तत्काल अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। खबर सामने आने के तुरंत बाद सिविल सर्जन ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पानी टंकी की सफाई कराने तथा उस पर नया ढक्कन लगाने का निर्देश दिया। उनके आदेश के बाद टंकी की सफाई और उसे सुरक्षित करने का कार्य शुरू कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल की पेयजल व्यवस्था को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि केवल टंकी की सफाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अस्पताल में नियमित निगरानी, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और रखरखाव की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।






