नयी दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं और स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान सोमवार रात की गई बैरिकेडिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सीजेपी का आरोप है कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल को छोटा करने और उसे दो हिस्सों में बांटने की कोशिश की। इसके विरोध में प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी और गीतों के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया, खासकर तब जब अन्य संगठनों के प्रदर्शन की भी संभावना है।
सीजेपी ने एसएससी और यूपीएससी के अभ्यर्थियों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए अधिक संख्या में लोगों का साथ जरूरी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धरना स्थल पर आने वाले लोगों से आधार और पैन कार्ड की मांग की जा रही है, जो उनके अनुसार निजता के अधिकार का उल्लंघन है। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) ने भी इस आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। किसानों के समर्थन को लेकर प्रदर्शनकारियों में उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने धरना स्थल पर चाय, पानी और भोजन की व्यवस्था भी की है, जिसमें कई स्वयंसेवक लगातार योगदान दे रहे हैं।
प्रदर्शन के चौथे दिन भी जंतर-मंतर पर माहौल गरमाया हुआ है और दोनों पक्षों के बीच तनातनी बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।







