नालंदा: नालंदा जिले के नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। कॉलेज को प्रखंड मुख्यालय में संचालित करने की मांग को लेकर छात्रों और स्थानीय लोगों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ और पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। जानकारी के अनुसार भारत की छात्र फेडरेशन की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी के आह्वान पर नगरनौसा में सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। जब पुलिस ने एहतियातन कुछ प्रमुख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया तो मौके पर मौजूद छात्र और स्थानीय लोग उग्र हो गए। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लाठीचार्ज किया। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पथराव और झड़प के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को हिरासत में लिया है। नगरनौसा डिग्री कॉलेज के संचालन स्थल को लेकर क्षेत्र में पहले से ही मतभेद बना हुआ है। एक पक्ष का कहना है कि कॉलेज का संचालन प्रखंड मुख्यालय में होना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को आवागमन में सुविधा मिल सके। वहीं दूसरी ओर लोदीपुर के स्थानीय लोग और छात्र-छात्राओं का एक बड़ा वर्ग कॉलेज को लोदीपुर में ही संचालित करने के पक्ष में है। उनका कहना है कि लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय के पास 4 एकड़ 63 डिसमिल भूमि उपलब्ध है तथा कॉलेज संचालन के लिए 20 पक्के कमरे भी मौजूद हैं। ऐसे में पहले से उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं को छोड़कर कॉलेज को अन्यत्र स्थानांतरित करना उचित नहीं होगा। बता दें कि नगरनौसा में डिग्री कॉलेज की मांग लंबे समय से उठती रही है।
11 मई को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस, पटना के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार ने यहां प्राचार्य के रूप में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद कॉलेज की कक्षाएं लोदीपुर परिसर से शुरू की गईं। इस फैसले का विरोध करते हुए 20 मई को युवाओं ने पहली बार चक्का जाम किया था। इसके अगले दिन 21 मई से प्रखंड कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। 30 मई को भी बस स्टैंड के पास सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया था। गुरुवार की घटना इसी विवाद की अगली कड़ी मानी जा रही है। हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नगरनौसा में आधा दर्जन से अधिक थानों की पुलिस और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। हिलसा डीएसपी शैलजा ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है और पथराव में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कॉलेज विवाद को लेकर हुई इस घटना की जांच जारी है।







