Home बिहार रौशन आनंद केस पर एकजुट हुए तेजस्वी-तेजप्रताप, सरकार पर सवाल

रौशन आनंद केस पर एकजुट हुए तेजस्वी-तेजप्रताप, सरकार पर सवाल

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Tejashwi and Tej Pratap unite over the Roshan Anand case; question the government.

पटना: दो कोचिंग संचालकों के बीच का विवाद इतना बढ़ जाएगा कि एक को अपने भाई को ही गंवाना पड़ेगा, ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत पूरे बिहार में चर्चा का विषय है। सोशल मीडिया से लेकर हर जगह इस घटना की ही चर्चा हो रही है। प्रिंस यादव की आंख और गर्दन पर जब से चोट वाले निशान की तस्वीर सामने आई है तब से उनके परिजन इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। रौशन आनंद फिलहाल जेल में हैं। आज उनके जमानत याचिका पर फिर से सुनवाई होगी। प्रिंस यादव का शव सहरसा स्थित उनके पैतृक आवास पर पड़ा हुआ है। यहां हजारों लोगों के भीड़ है। पटना से भी कई शिक्षक और छात्र पहुंचे हुए हैं। इधर, इस मामले को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद पहली बार राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे किसी एक मुद्दे पर एक साथ खड़े हुए हैं। दोनों भाई यानी तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव ने इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है साथ ही प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत की उच्च स्तरीय जांच की अपील की है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ज्ञान बिंदु कोचिंग संचालक के भाई की हुई संदिग्ध मौत या हत्या की सभी पहलुओं से उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट यथाशीघ्र उपलब्ध होनी चाहिए ताकि मृत्यु के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सके और पुलिस आपराधिक जांच को ससमय आगे बढ़ा सके। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोचिंग जगत में हुए हालिया विवाद संपूर्ण शिक्षा क्षेत्र के लिए कतई उचित नहीं है।

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इस पूरे प्रकरण में बिहार सरकार और पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है। वहीं जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कहा कि ज्ञानबिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के भाई स्वर्गीय प्रिंस यादव की निर्मम हत्या की खबर से जनशक्ति जनता दल परिवार अत्यंत मर्माहत और दुखी है। जनशक्ति जनता दल सरकार एवं प्रशासन से मांग करता है कि इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। साथ ही हम सरकार से यह भी मांग करते हैं कि रौशन आनंद को उनके भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर जेल से रिहा किया जाए अथवा कम से कम एक दिन का पेरोल प्रदान किया जाए, ताकि वे अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई दे सकें।