सुपौल: सुपौल में सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक और एक राजस्व अधिकारी के बीच विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। निर्मली विधानसभा क्षेत्र से जदयू विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव को कथित रूप से फोन पर धमकी दिए जाने के मामले में सदर अंचल के राजस्व अधिकारी संदीप कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला विधायक के अंगरक्षक रघुवीर कुमार की शिकायत पर सदर थाना में दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया है कि 3 जून की दोपहर विधायक अपने सुपौल स्थित आवास पर मौजूद थे, तभी उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए विधायक को धमकी दी और राजस्व अधिकारी संदीप कुमार के काम में हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी दी।
शिकायत के अनुसार फोन करने वाले ने कहा कि यदि भविष्य में राजस्व अधिकारी के कार्यों में दखल दिया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही रंगदारी से जुड़े शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद विधायक पक्ष ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। बताया जा रहा है कि इस विवाद की पृष्ठभूमि संदीप कुमार के पूर्व कार्यकाल से जुड़ी है। जब वह सीतामढ़ी जिले के सोनवर्षा अंचल में पदस्थापित थे, तब उनके खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने इन आरोपों से जुड़े दस्तावेज राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री को सौंपकर जांच की मांग की थी। विधायक पक्ष का दावा है कि शिकायत के कुछ दिनों बाद ही धमकी भरा फोन आया। वहीं, राजस्व अधिकारी संदीप कुमार ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है।
उनका कहना है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके नाम का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के माध्यम से उन पर ऐसे भूमि मामलों में दाखिल-खारिज करने का दबाव बनाया जा रहा था, जिन पर अदालत की रोक लगी हुई है। अधिकारी का कहना है कि उन्होंने नियमों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने से इनकार किया, जिसके कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी ओर विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव ने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर उन्होंने अधिकारी से बातचीत की थी, लेकिन जब उन्हें बताया गया कि मामला न्यायालय में लंबित है तो उन्होंने उस विषय को आगे नहीं बढ़ाया। विधायक का आरोप है कि अधिकारी के खिलाफ पहले से शिकायतें मौजूद हैं और जांच से बचने के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







