Home बिहार बिहार की तीन हस्तियों को पद्मश्री, 25 मई को राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

बिहार की तीन हस्तियों को पद्मश्री, 25 मई को राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित

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Three personalities from Bihar will be honoured with Padma Shri by the President on May 25.

पटना, 24 मई। बिहार के लिए गौरव की बात है कि इस वर्ष राज्य की तीन विभूतियों को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है। लोक नृत्य, भोजपुरी लोक संगीत और कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली इन हस्तियों को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रपति भवन में 25 मई को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष पद्मश्री के लिए चयनित बिहार की तीन विभूतियों में लोक नृत्य के क्षेत्र में योगदान देने वाले स्वर्गीय विश्व बंधु, भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षक भरत सिंह भारती तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वर्गीय डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी शामिल हैं। इनमें विश्व बंधु और डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी को मरणोपरांत सम्मान दिया जाएगा। लोक नृत्य को नई पहचान देने वाले विश्व बंधु 23 नवंबर 1930 को जन्मे विश्व बंधु को बिहार में मॉडर्न डांस मूवमेंट का शिल्पकार माना जाता है। उन्होंने भारतीय लोक नृत्य परंपराओं को संरक्षित और पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदय शंकर शैली से प्रेरित होकर उन्होंने शास्त्रीय और लोक नृत्य का अनूठा समन्वय तैयार किया। सामाजिक जागरूकता के माध्यम के रूप में लोक नृत्य को स्थापित करने में उनका योगदान अहम माना जाता है। भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षक हैं भरत सिंह भारती…….

भोजपुर जिले के नोनौर गांव में 20 नवंबर 1936 को जन्मे भरत सिंह भारती सात दशकों से भोजपुरी लोक संगीत की सेवा कर रहे हैं। तबला, हारमोनियम, बांसुरी, सितार और ढोलक जैसे कई वाद्ययंत्रों में महारत रखने वाले भारती 1962 से आकाशवाणी पटना से जुड़े रहे हैं। उन्होंने गुरु के रूप में पारंपरिक लोक संगीत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया है। कृषि विज्ञान में अहम योगदान देने वाले डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी 15 फरवरी 1930 को जन्मे डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिकों में गिने जाते थे। उन्होंने सबौर कृषि कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने के बाद आईएआरआई पूसा, नई दिल्ली से पीएचडी की। तिरहुत कृषि महाविद्यालय, ढोली में प्रोफेसर रहने के साथ-साथ वे राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा के कुलपति भी रहे। कृषि शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। 131 पद्म पुरस्कारों को मिली मंजूरी गौरतलब है कि पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों—पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री—में दिए जाते हैं। ये सम्मान विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट सेवा और योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी गई है।

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