
नई दिल्ली। महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। शोषितों और वंचितों के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले फुले को इस मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी क्रम में शनिवार को संसद परिसर में भी देश के शीर्ष नेतृत्व ने महात्मा फुले को नमन किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय नेताओं ने संसद भवन में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्मचिंतन और समाज के कल्याण के लिए अटूट समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि फुले को केवल उनके सामाजिक आंदोलनों और संस्थाओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में आशा और आत्मविश्वास जगाने के लिए भी सदैव याद किया जाएगा।
उनके विचार आज भी देशवासियों को समानता और न्याय के मार्ग पर प्रेरित करते हैं। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी महात्मा फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को समाज के लिए मार्गदर्शक बताया। इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी फुले के योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
महात्मा ज्योतिराव फुले का जीवन समाज में समानता, शिक्षा और न्याय के लिए एक सशक्त आंदोलन का प्रतीक रहा है, जो आज भी देश को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।






