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मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिले को दी 119 करोड़ रुपये की सौगात

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मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिले को दी 119 करोड़ रुपये की सौगात
  • 78 विकास योजनाओं का किया उद्घाटन एवं शिलान्यास

पटना। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में मुंगेर में नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र के कार्यालय भवन का शिलापट्ट अनावरण कर एवं फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित जिला उद्योग केंद्र के कार्यालय भवन का निरीक्षण कर जनसुनवाई कक्ष, आगंतुक कक्ष, परियोजना प्रबंधक कक्ष आदि में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। जिला उद्योग केंद्र, मुंगेर के परिसर में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभार्थियों द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लाभुकों को 60 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने मुंगेर में कष्टहरणी घाट पर कराए गए सौंदर्गीकरण कार्यों का निरीक्षण किया। स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य पेश कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा तट पर अवस्थित इस कष्टहरणी घाट के आसपास के क्षेत्रों को भी विकसित कराएं ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अनुष्ठान एवं स्नान करने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। ज्ञातव्य है कि कष्टहरणी घाट बिहार के मुंगेर जिला में गंगा नदी के किनारे स्थित एक अत्यंत प्राचीन और धार्मिक स्थल है। मान्यताओं के अनुसार, यहीं स्नान करने से शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर होते हैं। रामायण काल में, ताड़का वध के बाद भगवान राम और लक्ष्मण ने यहाँ गंगा स्नान कर नारी हत्या के पाप से मुक्ति पाई थी। यह उत्तरवाहिनी गंगा तट, दानवीर कर्ण से भी जुड़ा है। वाल्मीकि रामायण के अनुसार, जब भगवान श्रीराम और लक्ष्मण महर्षि वशिष्ठ के साथ आश्रम जा रहे थे, तब उन्होंने राक्षसी ताड़का का वध किया था। इसके बाद, उन्होंने मुंगेर में इसी स्थान पर विश्राम और स्नान किया, जिसे आज कष्टहरणी घाट कहा जाता है। मुंगेर में गंगा नदी उत्तर दिशा की ओर (उत्तर-वाहिनी) बहती है, जिसे हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंग प्रदेश के राजा कर्ण भी रोजाना यहां गंगा स्नान करने आते थे और मां चंडिका की पूजा करते थे। यह घाट अपने शानदार सूर्यास्त और सूर्योदय के दृश्यों के लिए भी जाना जाता है, यह भक्तों के लिए एक स्वर्ग के समान है। मुख्यमंत्री ने मुंगेर के भगत सिंह चौक के समीप डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग अंतर्गत मुंगेर पशु औषधालय कैम्पस में जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर एवं फीता काटकर उ‌द्घाटन किया। उ‌द्घाटन के क्रम में मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण कर प्रशिक्षण सह सभाकक्ष, पूछताछ काउंटर आदि का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग अंतर्गत थी-व्हीलर-सह-आईस बॉक्स की चाभी तथा समग्र गव्य विकास योजना, समग्र भैंस पालन योजना एवं देशी गौ पालन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत डेयरी इकाई स्थापना हेतु अनुदान के तहत 8 लाख, 83 हजार, 340 रुपये का सांकेतिक चेक लाभुकों को प्रदान किया।


मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विकासात्मक योजनाओं एवं अन्य कल्याणकारी योजनाओं के प्रस्तुतीकरण का अवलोकन कर उनके क्रियान्वयन की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इन योजनाओं में बाढ़ अवधि में गंगा नदी के अधिशेष जल को बदुआ जलाशय तथा खड़गपुर जलाशय में अंतरण कार्य, बदुआ जलाशय के बांया मुख्य नहर के खैराती खा वितरणी के अधीन चौरा उपवितरणी, कमरगामा डांड, फुसना डांड एवं गाजीपुर डांड का पुनर्स्थापन एवं लाइनिंग कार्य, पथ प्रमंडल मुंगेर अंतर्गत नगर निगम कार्यालय से जुबली वेल-काली ताजिया जे०पी० चौक होते हुये शास्त्री चौक तक पथ उन्नयन एवं मजबूतीकरण कार्य, बासुदेवपुर चौराहा से आई०टी०सी० पार्क चंडीस्थान होते हुये नयागांव तक पथ एवं किला क्षेत्र के पथों का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य, पथ प्रमंडल मुंगेर अंतर्गत कोणार्क चौक से अम्बे चौक, शाह जुबैर रोड, पुरबसराय तिनबटिया, मुंगेर रेलवे स्टेशन होते हुए शास्त्री चौक तक पथ चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य, पथ प्रमंडल मुंगेर अंतर्गत तारापुर बाईपास पथ वंशीपुर (एस०एच०-22 के 18वें कि०मी०) से बिडमा (एस०एच०-22) के 22वें कि०मी०) तक भाया धोबई, गोगाचक, मोहनगंज पथ का निर्माण कार्य, सात निश्चय-2 सुलभ संपर्कता के तहत पथ प्रमंडल, मुंगेर अंतर्गत रणगांव-भगलपुरा पथ से धौनी भाया विसय में बाईपास पथ का निर्माण कार्य, पथ प्रमंडल मुंगेर अंतर्गत सुल्तानगंज-तारापुर- संग्रामपुर-बेलहर कटोरिया-चांदन-दर्दमारा (बिहार बॉर्डर) पथ (एस०एच०-22) का पथांश कि०मी० 0.00 से 40.00 कि०मी० तक (पाठ (पार्ट-1) का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य, मुंगेर जिलान्तर्गत बिहार योग विद्यालय को एन०एच०-333 बी से जोड़ने हेतु 4 लेन रिंग रोड एवं पहुंच पथ का निर्माण कार्य, ऋषिकुंड पर्यटक स्थल का विकास कार्य, कष्टहरणी घाट का सौंदर्गीकरण, असरगंज में नए महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) की स्थापना, संग्रामपुर प्रखंड में 50 एकड़ भूमि पर औद्योगिक पार्क/औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण तथा जमालपुर प्रखंड एवं असरगंज प्रखंड में प्रखंड सह अंचल कार्यालय सह आवासीय भवनों का निर्माण कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन सभी विकास योजनाओं का काम समय सीमा के अंदर ठीक ढंग से पूरा करें। ये सभी योजनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं। इन सभी योजनाओं के पूरा हो जाने के बाद इलाके का काफी विकास होगा तथा लोगों को और अधिक सहूलियत मिलेगी।मुख्यमंत्री ने मुंगेर जिला अंतर्गत साफियाबाद हवाई अड्डा परिसर में 119 करोड़ रुपये की लागत से 78 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 87 करोड़ रुपये की लागत से 52 योजनाओं का उद्घाटन तथा 32 करोड़ रुपये की लागत से 26 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

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