पटना: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और गैस आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच बिहार के कई जिलों में एलपीजी सिलेंडर को लेकर अचानक भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। मधेपुरा, लखीसराय, खगड़िया, मोतिहारी, छपरा, गोपालगंज, दरभंगा और औरंगाबाद समेत कई जिलों में लोगों ने गैस नहीं मिलने या एजेंसी बंद रहने की शिकायत की। कई जगहों पर उपभोक्ता सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतार में खड़े नजर आए।
मधेपुरा के पुरानी बाजार चौक के पवन साह ने बताया कि वे सुबह से गैस के लिए एजेंसी के बाहर बैठे हैं, लेकिन छह घंटे बाद भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि कई बार मोबाइल से नंबर लगाने की कोशिश की, लेकिन कॉल नहीं लगा। अंत में उन्हें खुद एजेंसी पहुंचना पड़ा, जहां ऑफिस भी बंद मिला। ऐसे हालात में कारोबार और घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।
वहीं गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस की वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि अफवाहों के कारण लोग घबराकर बड़ी संख्या में एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं। मोतिहारी के एक गैस डीलर के अनुसार उनके पास लगभग 25 दिनों का स्टॉक मौजूद है और होम डिलीवरी की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके बावजूद लोग सीधे गोदाम पहुंचकर भीड़ लगा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 को लागू किया है, जिसके तहत जरूरी वस्तुओं की सप्लाई और कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है तथा जमाखोरी पर रोक लगाई जाती है। इसके अलावा कई राज्यों में फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर अस्थायी रोक की बात भी सामने आई है, जिससे होटल और छोटे कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक बुकिंग या स्टॉक जमा करने से बचें। प्रशासन ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर नजर रखने के लिए पुलिस और जिला प्रशासन को अलर्ट भी जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने पर काम चल रहा है और जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है।







