तमिलनाडु : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके वरिष्ठ नेता ओ. पन्नीरसेल्वम ने अपने समर्थकों के साथ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) का दामन थाम लिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने खुद उनका पार्टी में स्वागत किया, जिससे राज्य की सियासी तस्वीर में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पन्नीरसेल्वम का DMK में शामिल होना आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीतिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।
75 वर्षीय पन्नीरसेल्वम, जिन्हें कभी पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता का बेहद करीबी माना जाता था, लंबे समय तक अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) का प्रमुख चेहरा रहे। हालांकि, पार्टी के अंदर नेतृत्व को लेकर हुए विवाद और एडप्पादी के. पलानीस्वामी के साथ सत्ता संघर्ष के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद से वे लगातार अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के प्रयास में लगे हुए थे।
सूत्रों के अनुसार, पन्नीरसेल्वम आगामी विधानसभा चुनाव में थेनी जिले के बोदिनायक्कनूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। इस सीट से उन्होंने पिछला चुनाव भी जीता था और मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया था। उनके DMK में शामिल होने से दक्षिण तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बीच भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को AIADMK का आंतरिक विषय बताते हुए दूरी बनाए रखी है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पन्नीरसेल्वम का DMK में शामिल होना चुनाव से पहले विपक्षी दलों के लिए चुनौती बन सकता है।
तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव इस वर्ष अप्रैल या मई में संभावित हैं। ऐसे में पन्नीरसेल्वम का यह कदम राज्य की राजनीति में नई रणनीतियों और गठबंधनों के संकेत दे रहा है, जिससे आगामी चुनाव और भी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।







