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पुरातात्विक धरोहर “पीर पहाड़” को भू माफिया के कब्जे से मुक्त करने की मुहिम तेज

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Campaign to free the archaeological heritage "Peer Pahad" from the clutches of land mafia intensifies

मुंगेर। बिहार में मुंगेर जिला मुख्यालय से लगभग 06 किलोमीटर दूर गंगा किनारे ऊंचे पहाड़ पर प्राकृतिक वादियों के बीच अवस्थित ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक धरोहर “पीर पहाड़”को भू माफिया के कब्जे से मुक्त कराने की मुहिम मुंगेर विधिज्ञ संघ के सदस्य अधिवक्ता प्रवीण कुमार चौरसिया ने तेज कर दी है। मुंगेर पीर पहाड़ पर पूर्व में मुंगेर के कलेक्टर का निवास हुआ करता था।पश्चिम बंगाल के नवाब मीर कासिम के आर्मेनियन जनरल गुरगिन खान अपने लिए पीर पहाड़ पर निवास के लिए भवन का निर्माण कराया था । गुरगिन खान ,जिन्हे ख्वाजा ग्रेगरी के नाम से भी जाना जाता था, 1760 से 1763 ई के दौरान बंगाल के नवाब मीर कासिम के सबसे भरोसे आर्मेनियन जनरल और युद्ध मंत्री थे। वे नवाब की सेना को यूरोपीय तर्ज पर आधुनिक बनाने के लिए जिम्मेदार थे।पीर पहाड़ के इस पौराणिक भवन में ईस्ट इंडिया कंपनी के बंगाल के गवर्नर हेनरी वेंसीटार्ट 1762 ईस्वी में रहते थे जब वे मुंगेर भ्रमण पर आए थे।अभी पीर पहाड़ पर भू माफिया के कब्जे को लेकर मुंगेर विधिज्ञ संघ के सदस्य अधिवक्ता प्रवीण कुमार चौरसिया ने बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री सम्राट चौधरी से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी है की, “कि बिहार सरकार पीर पहाड़ को भू माफिया के पक्के मकान और अतिक्रमण से मुक्त कराने की दिशा में क्या कार्रवाई की है ?


बिहार सरकार के अवर सचिव सह लोक सूचना पदाधिकारी, गृह विभाग, पटना ने मुंगेर के लोक सूचना पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी , सदर मुंगेर,लोक सूचना पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी ,सदर अंचल ,मुंगेर और लोक सूचना पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी , पर्यटन विकास शाखा मुंगेर को पत्र लिखकर आवेदक अधिवक्ता को सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

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