हैदराबाद। तेलंगाना मंत्रिमंडल ने 69 किलोमीटर लंबे हैदराबाद मेट्रो रेल चरण एक नेटवर्क को लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) से लगभग 15,000 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करने की मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में सोमवार की देर शाम हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मेट्रो के अधिग्रहण और संभावना की जांच के लिए बनी एक कैबिनेट उप समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिस पर विस्तार में चर्चा हुई। बैठक में सरकार ने यह भी फ़ैसला लिया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो आने वाले विधानसभा सत्र के दौरान इस मुद्दे पर और बातचीत की जाएगी। समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार को एलएंडटी से चरण एक परियोजना को अपने हाथ में लेने के लिए क़र्ज़ समेत लगभग 15,000 करोड़ देने होंगे।
मेट्रो की मौजूदा कीमत 19,000 करोड़ से 22,000 करोड़ के बीच होने का अनुमान है। यह अधिग्रहण लगभग 22 प्रतिशत की अनुमानित छूट पर पूरा होने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने मेट्रो चरण दो के विस्तार के काम को तेज़ी से पूरा करने का फ़ैसला किया। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि चरण दो विस्तार के लिए पूरा मेट्रो नेटवर्क एक ही कंपनी के तहत संचालित होना चाहिए, जिसे केंद्र और राज्य के बीच एक संयुक्त उद्यम के तौर पर पूरा किया जाएगा। राज्य सरकार ने चरण दो -ए के तहत पांच नए कॉरिडोर में 76.4 किलोमीटर विस्तार और चरण दो -बी के तहत तीन कॉरिडोर में 86.1 किलोमीटर विस्तार के लिए केंद्र को पहले ही प्रस्ताव दे दिए हैं। अधिकारियों ने अधिग्रहण के फ़ैसले के साथ संकेत दिया कि मेट्रो विस्तार प्रक्रिया में तेज़ी आने की उम्मीद है।







