वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक द्वीप डिएगो गार्सिया को लेकर ब्रिटेन को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से अपील की है कि वे इस द्वीप को मॉरीशस को सौंपने के फैसले पर पुनर्विचार करें। ट्रंप का कहना है कि यदि ईरान के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत विफल हो जाती है, तो अमेरिका को संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए इस द्वीप की जरूरत पड़ सकती है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में कहा कि डिएगो गार्सिया का नियंत्रण खोना ब्रिटेन के लिए एक बड़ी रणनीतिक गलती साबित हो सकता है। उन्होंने लिखा कि पट्टे (लीज) का समझौता स्थायी नियंत्रण की जगह नहीं ले सकता और यह द्वीप सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और जरूरत पड़ने पर अमेरिका ब्रिटेन के साथ खड़ा रहेगा।
गौरतलब है कि डिएगो गार्सिया, चागोस द्वीप समूह का हिस्सा है और यहां अमेरिका-ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य अड्डा मौजूद है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के 2019 के फैसले और बढ़ते वैश्विक दबाव के बाद ब्रिटेन ने 2025 में इस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने का निर्णय लिया था। हालांकि, समझौते के तहत डिएगो गार्सिया पर 99 साल के लिए सैन्य अड्डा बरकरार रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, हिंद महासागर में स्थित यह द्वीप एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के बीच रणनीतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। यही कारण है कि अमेरिका इसे अपनी सैन्य और सुरक्षा नीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानता है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक शक्ति संतुलन को लेकर नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं।







