
नयी दिल्ली: इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति जोको विडोडो ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के तिरुमला स्थित विश्वप्रसिद्ध भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के अधिकारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया और मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था कराई। दर्शन उपरांत टीटीडी की ओर से उन्हें रेशमी वस्त्र, मंदिर का प्रसाद और भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की एक भेंट-चित्र प्रदान की गई।
पूर्व राष्ट्रपति के मंदिर दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग इसे धार्मिक सौहार्द और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बता रहे हैं। भारतीय सेना के मेजर सुरेंद्र पुनिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि एक मुस्लिम देश के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा तिरुपति बालाजी मंदिर में पूजा-अर्चना करना सनातन धर्म की वैश्विक स्वीकार्यता और गरिमा को दर्शाता है। उनके इस पोस्ट के बाद यह वीडियो और अधिक चर्चा में आ गया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब दुनिया में धार्मिक असहिष्णुता पर अक्सर बहस होती रहती है। ऐसे माहौल में जोको विडोडो का मंदिर दर्शन कई लोगों के लिए आपसी सम्मान और सह-अस्तित्व का संदेश लेकर आया है। टीटीडी अधिकारियों ने भी बताया कि दर्शन पूरी श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए तथा पूर्व राष्ट्रपति ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की।
गौरतलब है कि इंडोनेशिया आज भले ही दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश हो, लेकिन उसका इतिहास हिंदू और बौद्ध परंपराओं से गहराई से जुड़ा रहा है। कभी यहां हिंदू-बौद्ध राजाओं का शासन था और आज भी बाली जैसे द्वीपों में हिंदू संस्कृति जीवंत रूप में मौजूद है। रामायण और महाभारत की कथाएं इंडोनेशियाई संस्कृति और लोककलाओं में आज भी देखी जाती हैं।
जोको विडोडो का तिरुपति मंदिर में दर्शन इसी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक सद्भाव की एक सशक्त झलक के रूप में देखा जा रहा है, जिसने भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक संदेश दिया है।






