पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद, दरभंगा के अलीनगर से बीजेपी विधायक बनीं मैथिली ठाकुर ने पहली बार गोवा में एक भक्तिमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया। यह भजन संध्या गोवा के ऐतिहासिक श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ में आयोजित ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ उत्सव का हिस्सा थी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रभु श्री राम की कांस्य प्रतिमा के अनावरण के लिए उपस्थित थे। मैथिली ठाकुर के लिए यह कार्यक्रम राजनीतिक जीत के बाद पहला बड़ा सार्वजनिक प्रदर्शन था, जो उनके कला और आध्यात्मिक रुझान को दर्शाता है। मैथिली ठाकुर के भजन संध्या कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटे।
उनकी मधुर और भावपूर्ण आवाज में गाए गए भजनों को सुनकर उपस्थित लोग भक्ति के रंग में सराबोर हो गए और झूमने लगे। मैथिली ठाकुर, जो अपनी पारम्परिक गायन शैली के लिए जानी जाती हैं, ने इस पवित्र अवसर पर अपनी कला का प्रदर्शन कर धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को और भी अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। यह दृश्य बिहार की एक नव-निर्वाचित विधायक के लिए, जिसने चुनावी मंच से निकलकर आध्यात्मिक मंच पर अपनी छाप छोड़ी, एक शानदार शुरुआत थी।
गोकर्ण मठ का इतिहास 1510 ईस्वी से शुरू होता है और यह कुशावती नदी के तट पर स्थित है, जिसे गंगा के समान पवित्र माना जाता है। इस मठ को अविमुक्त क्षेत्र या मुक्ति तीर्थ के तौर पर भी जाना जाता है, खासकर उन लोगों के लिए जो काशी की यात्रा नहीं कर सकते थे। मठ की स्थापना पुर्तगालियों के अत्याचारों के कारण भटकल से स्थानांतरित होकर हुई थी, ताकि भक्तों को शांत और सुरक्षित वातावरण मिल सके। यह मठ द्वैत दर्शन का प्रचार करता है, जो ईश्वर (विष्णु) और व्यक्तिगत आत्माओं को शाश्वत रूप से भिन्न मानता है।







