नई दिल्लीः बिहार में नई सरकार के बनने से पहले बुधवार को पटना में एनडीए विधायक दल की मीटिंग होगी। उसमें मुख्यमंत्री का ऐलान किया जाएगा। 20 नवंबर को नीतीश कुमार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बीजेपी विधायक दल की मीटिंग भी बुधवार को होनी है। इसके लिए बीजेपी संसदीय बोर्ड ने यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। एनडीए सरकार के स्वरूप पर चर्चा के लिए जेडीयू नेता दिल्ली पहुंचे। मंगलवार दोपहर जेडीयू नेता संजय झा और ललन सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके घर पर मुलाकात की।
इस बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा भी मौजूद रहे। बैठक करीब तीन घंटे चली। बैठक में बिहार में सरकार गठन के लिए एनडीए की तैयारियों पर बात हुई। मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर बात हुई। चर्चा है कि विधानसभा अध्यक्ष पद और गृह विभाग को लेकर सहमति बनाने के लिए इस मीटिंग में बात हुई। अब तक बिहार में एनडीए सरकार में बीजेपी विधायक नंद किशोर यादव स्पीकर थे और जेडीयू के नरेंद्र नारायण यादव डिप्टी स्पीकर थे। सूत्रों का कहना है कि इस बार जेडीयू चाहती है कि स्पीकर पद उन्हें दिया जाए। इस मसले पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी और जेडीयू के सीनियर नेताओं की मुलाकात हुई। सूत्रों के मुताबिक स्पीकर पद बीजेपी के पास ही रह सकता है। गृह विभाग को लेकर भी बातचीत हुई। नीतीश कुमार जब से मुख्यमंत्री रहे हैं तब से उन्होंने गृह विभाग अपने ही पास रखा है।
कानून-व्यवस्था बिहार में एक बड़ा मुद्दा रहा है और एनडीए ने इस चुनाव में भी कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाया और राजद पर जंगलराज का आरोप लगाते हुए पूरा चुनावी कैंपेन इसके इर्द गिर्द बुना। नीतीश कुमार इस बार भी गृह विभाग अपने ही पास रखना चाहते हैं। हालांकि, बीजेपी इस विभाग पर अपना दावा ठोक रहीं हैं। सूत्रों का कहना है कि एनडीए के घटक दलों में से किसके कितने मंत्री होंगे इसे लेकर सहमति बन चुकी है क्योंकि ये सेट फॉर्म्युले पर किया जा रहा है। सबसे ज्यादा मंत्री पद बीजेपी को मिलने की उम्मीद है और उससे कुछ कम जेडीयू को। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 3 से 4 मंत्री हो सकते है। जीतन राम मांझी की हम से एक और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से भी एक मंत्री हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि जेडीयू अपने ज्यादा मंत्रियों को फिर से सरकार में शामिल कर सकती है लेकिन बीजेपी कुछ नए चेहरों को भी जगह दे सकती है।







