A living person was shown as dead in the voter list, the matter reached Vaishali DM

वैशाली: बिहार में लगातार मतदाता गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ विरोधी दल के नेताओं के द्वारा ‘वोट अधिकार यात्रा’ की जा रही है। केंद्र सरकार चुनाव आयोग को विरोधी दल के नेता लगातार निशाना भी बना रहे हैं। वहीं, हाजीपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पर जीवित मतदाता का नाम सूची से काट दिया गया है। यह मामला हाजीपुर विधानसभा क्षेत्र 123 बूथ नंबर 317 के मतदाता सुनील कुमार सिंह से जुड़ा है। सुनील का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

बताया गया है कि सुनील एक सफल बिजनेसमैन हैं और यह टैक्स भी भरते हैं। इनका एपिक नंबर एमएनक्यू 5523220 है। वहीं, सुनील कुमार ने बताया कि हमारे पिता छत्रपति सिंह का नाम 2003 के मतदाता सूची में दर्ज है। लेकिन मेरा नाम काट दिया गया है। सुनील ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन सर्च करने पर पाया कि उनका नाम मृत घोषित कर दिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी बीएलओ ने नियमों का उल्लंघन करते हुए डोर-टू-डोर सत्यापन नहीं किया।

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चुनाव आयोग के स्पष्ट निर्देश थे कि बीएलओ को घर-घर जाकर मतदाता पुनरीक्षण करना था। सुनील के अनुसार, बीएलओ ने न तो उनके घर और न ही अन्य मतदाताओं के घर जाकर सत्यापन किया। सुनील ने वैशाली जिलाधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वह नियमित रूप से सरकार को टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। बीएलओ ने न तो ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कैंप लगाया और न ही नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया की। डीएम ने मामले पर संज्ञान लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।