
मधुबनी: हरलाखी प्रखंड अंतर्गत फुलहर गांव स्थित ऐतिहासिक स्थल, जिसे माता जानकी और भगवान श्रीराम के प्रथम मिलनस्थल के रूप में जाना जाता है, अब एक भव्य धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 31.13 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। इस बात की जानकारी उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की। मुख्यमंत्री ने लिखा कि मधुबनी जिले के हरलाखी प्रखंड की पावन धरती फुलहर, माता सीता और प्रभु श्रीराम के प्रथम मिलन की साक्षी रही है। यह हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव की बात है कि अब इस स्थल का धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए प्रस्तावित डिज़ाइन में विशाल जलाशय, पक्के घाट, पथ-वे, हरियाली, रात्रि प्रकाश व्यवस्था और धार्मिक आयोजनों की सुविधाएं शामिल हैं। लंबे समय से यह स्थल जन आस्था का केंद्र तो रहा है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में यह पर्यटक दृष्टिकोण से पिछड़ा हुआ था।
अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना से फुलहर को एक नई पहचान मिलने की उम्मीद है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, यही वह स्थान है जहां माता सीता फूल तोड़ने आया करती थीं और यहीं उनकी पहली भेंट भगवान श्रीराम से हुई थी। यहाँ स्थित कुश वाटिका को भी इसी मान्यता से जोड़ा जाता है।मुख्यमंत्री के इस कदम से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है। मंदिर समिति, समाजसेवियों और युवाओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यदि परियोजना का कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया गया, तो यह स्थल राज्य ही नहीं, देश के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान हासिल कर सकता है।स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए आग्रह किया है कि विकास कार्य में गति और गुणवत्ता को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहराव और सुविधाओं की अब तक समुचित व्यवस्था नहीं रही है, जिससे भक्तों को असुविधा होती है। ऐसे में यह परियोजना क्षेत्र की धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को नया आयाम देने में सहायक होगी।






