पटना : पटना जिले के दानापुर थाना क्षेत्र के विजय विहार कॉलोनी में साधना कॉटेज हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रहे एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान बक्सर जिले के सोनवर्षा थाने के चनवथ गांव के मुखिया पंकज कुमार मेहता के 22 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार मेहता के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया है। घटना के संबंध में मृतक के रूम पार्टनर आर्यन ने बताया कि रोहित अपने दोस्तों के साथ पटना इस्कॉन मंदिर घूमने गया था। वहां से जब वह हॉस्टल आया तो देखा कि कमरे का दरवाजा बंद है। जब उसने दरवाजा खुलवाने के लिए आवाज दी तो रोहित ने कमरा नहीं खोला। इसके बाद आर्यन ने हॉस्टल में रह रहे अन्य छात्रों और होस्टल मालिक को इस बात की जानकारी दी।
सभी ने मिलकर दरवाजा तोड़ा, तो अंदर देखा कि रोहित पंखे के हुक से गले में फंदा लगाकर लटका हुआ है। मौके पर मौजूद होस्टल मालिक ने स्थानीय पुलिस और मृतक छात्र के परिजनों को इस घटना की सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पटना एफएसएल टीम को मामले की जानकारी दी। एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर कमरे से कई साक्ष्य इकट्ठा किए। घटना की सूचना पाकर डुमरांव विधायक डॉक्टर अजीत कुशवाहा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विधानसभा सत्र चल रहा था, जिसके कारण वह पटना में थे। इस दुखद घटना की सूचना मिलने पर वह यहां पहुंचे हैं। मृतक छात्र होस्टल में रहकर फिजिक्स वाला में पढ़ाई कर रहा था और नीट की तैयारी कर रहा था।
दानापुर अनुमंडल अस्पताल पहुंचे मृतक के पिता पंकज कुमार मेहता ने बताया कि रोहित पहले बिहटा में रहकर फिजिक्स वाला संस्थान में पढ़ाई कर रहा था। उसने इस बार नीट की परीक्षा दी थी, जिसमें उसके अंक अच्छे नहीं आए थे, जिसके कारण वह डिप्रेशन में था। परिवार वाले उसे समझाते रहते थे। इसी वर्ष 11 अप्रैल को उसकी शादी हुई थी। दो महीने पहले उसने सगुना खगौल रोड स्थित फिजिक्स वाला संस्थान ज्वाइन किया था, जिसके बाद वह विजय विहार कॉलोनी में साधना कॉटेज हॉस्टल में रहने लगा था। परिवार वालों से रविवार की दोपहर ढाई बजे के करीब उसकी बात हुई थी, जब वह ठीक था। होस्टल संचालक रौशन कुमार ने बताया कि रोहित तीन जून को हॉस्टल में रहने आया था। रोहित और आर्यन एक ही कमरे में रहते थे। आर्यन ने बताया कि जब रोहित ने दरवाजा नहीं खोला, तब उन्होंने दरवाजा तोड़कर देखा कि रोहित फंदे से लटका हुआ था। रोहित बहुत ही खुशमिजाज छात्र था।







