
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार ने सभी घरेलु उपभोक्ताओं को बड़ी सौगात दी है। अब बिहार में 125 यूनिट बिजली पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। राज्य सरकार ने इसे शत-प्रतिशत सब्सिडी नाम दिया है। लेकिन, आम भाषा में कहें तो यह घरेलु उपभोक्ताओं को 125 यूनिट बिजली मुफ्त में मिलेगी। ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव के अनुसार, बिहार में घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 86 लाख 60 हजार है। इनमें 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है। इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा। इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजली पर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा। इधर, सरकार के इस नए एलान के बाद उपभोक्ताओं के खुशी की लहर है। लेकिन, कुछ सवाल भी हैं, जिनके सवाल लोगों को नहीं मिले हैं। ऊर्जा विभाग के अनुसार, सरकार ने 125 यूनिट बिजली का बिल शून्य कर दिया है।
इस पर कोई भी टैक्स नहीं लगेगा। 125 यूनिट से अधिक जितनी खपत होगी, उतना का भी बिल होगा। जैसे 200 यूनिट खपत होने पर मात्र 75 यूनिट बिजली का ही शुल्क देना होगा। अगर अलग-अलग मकान या फ्लैट में एक ही नाम से कनेक्शन है तो 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ एक जगह मिलेगा। अगर मकान मालिक और किराएदार के नाम से अलग-अलग कनेक्शन है तो इसका लाभ दोनों को मिलेगा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को अगस्त माह से उनका बिजली बिल दिखने लगेगा। रियासत की भी जानकारी उसमें दी जाएगी। मोबाइल एप या वेब पोर्टल पर अपना बिल देख सकते हैं। अगस्त माह में स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के खाते में जुलाई का बिल क्रेडिट हो जाएगा। अगर आप 75 वाट के दो पंखे, नौ वाट के चार बल्ब, 22 वाट के ट्यूबलाइट मिलकर 208 वाट हो गए। यह 24 घंटे करीब 4.9 यूनिट बिजली खपत करेंगे। वहीं एक 200 लीटर का फ्रिज रोज करीब एक से 1.2 यूनिट बिजली खपत करता है। इस तरह आपको रोज करीब छह से सात यूनिट तक बिजली की खपत हो सकती है।
आपको भी 125 यूनिट बिजली का बिल नहीं देना होगा। शेष बची 200 यूनिट बिजली पर पहले 100 यूनिट के लिए 4.12 रुपये और बाकी के 100 यूनिट पर 5.52 रुपये के हिसाब से बिल देना होगा। यानी आपको विद्युत शुल्क के साथ 1124 रुपया भुगतान करना होगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में आपको शहरी क्षेत्र की तुलना में लगभग आधी राशि का भुगतान करना होगा। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में बिजली का दर कम है। इसमें एक से 200 यूनिट बिजली खपत करने पर 2.45 रुपये ही लगते हैं। यहां पहले से 125 यूनिट बिजली का बिल शून्य रहेगा। बाकी बची 200 यूनिट बिजली के लिए 570 रुपये का भुगतान करना होगा। शहरी क्षेत्र में प्रति किलोवाट 80 रुपये के हिसाब से फिक्स चार्ज देना होता है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 40 रुपये प्रतिकिलोवाट के हिसाब से फिक्स चार्ज देना पड़ता है। उर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा। अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी। कैबिनेट में लिए निर्णय के अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक यादि शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है। उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है, तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजली खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा। इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा।






