उत्तर प्रदेश: महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मंत्री Om Prakash Rajbhar ने समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध को लेकर झूठ बोला है। राजभर का दावा है कि अखिलेश यादव ने इस बिल का विरोध इसलिए किया क्योंकि उन्हें डर था कि इसका श्रेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिलेगा।
एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि भाजपा महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ-हानि के आधार पर इस मुद्दे को देख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव का रुख महिलाओं के हितों से ज्यादा राजनीतिक क्रेडिट को लेकर था।
वहीं, अखिलेश यादव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi के महिला आरक्षण पर दिए गए भाषण को “खोखला” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी विपक्षी दल महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि उनकी मांग है कि इस आरक्षण में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।
रेवाड़ी में पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा कि अगर आधी आबादी को सम्मान देना है, तो समाज के सभी वर्गों को इसमें शामिल करना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल घोषणाएं करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और समावेशी नीति बनानी होगी।
इस पूरे मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। एक ओर भाजपा महिला आरक्षण को अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है, तो वहीं विपक्ष इसे अधूरा और चयनात्मक कदम बता रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में और भी प्रमुख बन सकता है।







