
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में भी इस बार पुरी की तर्ज पर संगम नगरी प्रयागराज में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। श्री जगन्नाथ जी रथयात्रा महोत्सव समिति (बड़ा रथ), प्रयागराज चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में इस ऐतिहासिक रथयात्रा की तैयारियां शुरू हो गयी हैं।
समिति ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। रथयात्रा के संयोजक अभिषेक मित्तल ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह 11 बजे हिवेट रोड स्थित श्री शिव-दुर्गा-हनुमान मंदिर (केला भवन के निकट) से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा प्रारंभ होगी। यह शोभायात्रा हिवेट रोड, जानसेनगंज, लोकनाथ, राम भवन होते हुए गुंडिचा मंदिर, छोटा चौराहा, मुट्ठीगंज पहुंचकर संपन्न होगी। इस रथयात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, राष्ट्र भावना को सुदृढ़ करना तथा समाज सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश देना है।
इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा तीन भव्य रथों पर विराजमान रहेंगे। श्रद्धालुओं के लिए 1.75 लाख से अधिक रत्नों से सुसज्जित जड़ाऊ मुकुट और विशेष आभूषण मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। इन आभूषणों का निर्माण ओडिशा, प्रयागराज और राजस्थान के कुशल कारीगरों ने किया है।रथयात्रा में आकर्षक झांकियां, झंडा और बैनर वाहन, बैंड-बाजे, ढोल-ताशे, हाथी, तोपों की सलामी तथा विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी शामिल होंगी।
समिति के अनुसार, शाम सात बजकर सात मिनट पर मुख्य रथ के समीप होने वाला दिव्य ज्योति दर्शन इस वर्ष का प्रमुख आकर्षण रहेगा, जिसके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत आज 29 जून को स्नान पूर्णिमा और भगवान के गजानंद वेश श्रृंगार के साथ होगी। इसके बाद 15 जुलाई को उद्घोष बाइक रैली निकाली जाएगी।
वहीं, 19 जुलाई को छप्पन भोग महाप्रसाद का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।समिति के महामंत्री मोहित कुमार जायसवाल और रथयात्रा संयोजक अभिषेक मित्तल ने सभी श्रद्धालुओं और शहरवासियों से इस भव्य धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाने तथा भगवान जगन्नाथ का रथ खींचकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।






