रोहतास: बिहार के गोपालगंज में तैनात अपर समाहर्ता (एडीएम) राजेश्वरी पांडे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने रोहतास जिले में उनके पैतृक आवास पर छापेमारी की। करगहर क्षेत्र के ठोरसन पूर्वी गांव स्थित आवास पर टीम ने दो घंटे से अधिक समय तक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई और करीब 80 हजार रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है।
न्यायालय से सर्च वारंट मिलने के बाद कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, एडीएम राजेश्वरी पांडे पर अपनी ज्ञात वैध आय से 100 प्रतिशत से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इसी मामले की जांच के सिलसिले में न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद एसवीयू की टीम उनके पैतृक आवास पहुंची। अधिकारियों की मौजूदगी में घर के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली गई और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
बैंक खातों और निवेश से जुड़े कागजात की जांच
छापेमारी के दौरान निगरानी टीम ने संपत्ति से संबंधित फाइलों, बैंक खातों, निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कागजात की जांच की। जांच का उद्देश्य संबंधित अधिकारी की आय और उनके नाम या उनसे संबंधित संपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाना है। तलाशी के दौरान लगभग 80 हजार रुपये नकद और कुछ दस्तावेज मिलने की बात कही गई है।
हालांकि, बरामद दस्तावेजों की प्रकृति, उनकी संपत्ति से संबंधित जानकारी और जांच में उनकी उपयोगिता को लेकर अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी में मिले साक्ष्यों की जांच के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी विस्तृत जानकारी
कार्रवाई के संबंध में विजिलेंस डीएसपी सुरेश राम और डीएसपी कृष्ण कुमार गुप्ता ने जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मामले में जांच की प्रक्रिया जारी है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्री की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े इस मामले में निगरानी इकाई की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल आरोपों की जांच चल रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा। संबंधित अधिकारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच पूरी होने से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।







