धनबाद एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) टीम की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम लगातार असर दिखा रही है और ताजा कार्रवाई से यह साबित हो गया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में बोकारो जिले के चंद्रपुरा प्रखंड स्थित पिपलो पंचायत के मुखिया कार्तिक महतो को प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस मामले ने झारखंड में भ्रष्टाचार पर चल रही सख्त मुहिम को और भी बल दिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी मुखिया कार्तिक महतो प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुक से जियो-टैगिंग के नाम पर 20,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। योजना के तहत लाभुक को अपने घर की जियो-टैगिंग करवानी थी, और इसके बदले मुखिया ने उससे रिश्वत की मांग की। इस पर लाभुक ने एसीबी में शिकायत की, जिसके बाद टीम ने पूरी घटना की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एसीबी ने आरोपी की गतिविधियों पर निगरानी रखी और सोमवार को उसे रंगे हाथ पकड़ा। मुखिया ने पहले 10,000 रुपये की पहली किस्त ली थी, जिसे लेकर उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि मुखिया को धनबाद एसीबी कार्यालय लाकर उससे पूछताछ की जा रही है, और आगे की जांच जारी है।
इस कार्रवाई के बाद धनबाद एसीबी की कार्यप्रणाली की तारीफ हो रही है और यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि अब राज्य में भ्रष्टाचारियों के लिए कोई स्थान नहीं रहेगा। एसीबी के एएसपी बिनोद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार की नीति के तहत भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए लगातार मुहिम चलाई जा रही है और इस मामले में भी आरोपी को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा।

झारखंड में बढ़ते भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के मामलों को देखते हुए एसीबी अब और भी सक्रिय हो गई है। अधिकारियों के खिलाफ चल रही यह सख्त कार्रवाई अब अन्य भ्रष्ट लोगों में डर और हड़कंप पैदा कर रही है। एसीबी की बढ़ती सक्रियता से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भ्रष्टाचार पर जल्द ही कड़ा नियंत्रण लगेगा और जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की रिश्वतखोरी पर विराम लगेगा।
धनबाद एसीबी की इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता के विश्वास को मजबूत किया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में अब लोग भी जागरूक हो गए हैं और रिश्वतखोरी की घटनाओं के खिलाफ खुलकर सामने आ रहे हैं। एसीबी की इस सफल कार्रवाई से एक संदेश गया है कि राज्य में अब भ्रष्टाचार को किसी भी हालत में सहन नहीं किया जाएगा और इस तरह की कार्रवाइयों से अन्य भ्रष्टाचारियों को कड़ा संदेश मिलेगा।







