पश्चिमी सिंहभूम। झारखंड के नोवामुंडी प्रखंड में आयोजित रक्तदान शिविर ने मानवता और सेवा भावना की मिसाल पेश की। रुता गुट्टू अस्पताल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा जामदा की ओर से आयोजित इस शिविर में भीषण गर्मी के बावजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कुल 27 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। शिविर की खास बात पिता-पुत्री की प्रेरणादायक भागीदारी रही। 19 वर्षीय आर्ची प्रसाद ने पहली बार रक्तदान कर अपनी खुशी जाहिर की, वहीं उनके पिता फिरोज प्रसाद ने अपना 50वां रक्तदान कर समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस जोड़ी ने लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। तेज धूप और उमस भरे मौसम के बावजूद रक्त सेवा से जुड़े सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे यह साबित हुआ कि सेवा भावना किसी भी परिस्थिति से बड़ी होती है। आयोजन को सफल बनाने में उनकी भूमिका सराहनीय रही। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा जामदा के प्रभारी डॉ. हरिपद हेंब्रम और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। बेहतर समन्वय और व्यवस्थापन के कारण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साथ ही रक्त सेवा संगठन के संस्थापक संतोष पांडा और उनकी टीम ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है और इससे कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। इस अवसर पर कई समाजसेवी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन ने क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को नई दिशा दी है।







