झारखंड के हजारीबाग जिले में शिक्षा के अधिकार कानून के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सत्र 2026-27 के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (RTE) के तहत 23 निजी स्कूलों में कुल 279 बच्चों के नामांकन के लिए पहली सूची जारी कर दी गई है। जिला शिक्षा अधीक्षक सह अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आकाश कुमार ने बताया कि इस प्रक्रिया के लिए कुल 580 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से सत्यापन के बाद करीब 180 आवेदनों को ‘विचाराधीन’ श्रेणी में रखा गया है, जबकि अन्य आवेदनों में दस्तावेजों की कमी या त्रुटियों को लेकर अभिभावकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अभिभावकों को 28 अप्रैल शाम 4 बजे तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी 580 आवेदनों की सूची आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है। जिन आवेदनों के दस्तावेज सही पाए जाएंगे, उन्हें रेंडमाइजेशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इसके बाद अंतिम चयन सूची तैयार कर संबंधित स्कूलों को भेजी जाएगी। आरटीई कानून के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन दिया जाता है। इसके लिए अभिभावकों को अधिकतम 72 हजार रुपये वार्षिक आय का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों के नामी निजी स्कूलों—जैसे डीएवी, दिल्ली पब्लिक स्कूल, संत पॉल, नेशनल पब्लिक स्कूल और अन्य संस्थानों—में नर्सरी, एलकेजी और कक्षा एक में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी। इस पहल से गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा, जिससे उनके भविष्य को नई दिशा मिल सकेगी।







