दरभंगा: बिहार के दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम को लेकर मतगणना में देरी के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। वहीं, जिला प्रशासन ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए मतगणना को निष्पक्ष और नियमानुसार बताया है।
चुनाव में जीत के लिए निर्धारित 31,911 मतों का आंकड़ा किसी उम्मीदवार के हासिल नहीं करने के बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती शुरू की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 32 चरणों में 32 प्रत्याशी बाहर हो चुके थे और आठ उम्मीदवारों के मतों की गणना जारी थी। इनमें भाजपा के सर्वेश कुमार, अनिल कुमार झा, मो. इम्तेयाज नूरानी, दिलीप कुमार, रजनीकांत पाठक, आदित्य नाथ झा, धर्मांश रंजन और रविंद्र यादव शामिल थे।
RJD ने लगाए अनियमितता के आरोप
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मतगणना में देरी और वैध मतों को अवैध घोषित किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने चुनाव आयोग से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। राजद विधायक आलोक मेहता ने भी मतगणना में कथित हेराफेरी का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। पूर्व मंत्री ललित यादव समेत राजद नेताओं ने मतगणना केंद्र पहुंचकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
हंगामे के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा
मतगणना में देरी को लेकर देर रात केंद्र पर हंगामे की स्थिति बनी। इसके बाद प्रशासन ने मतगणना केंद्र के अंदर और बाहर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी। पुलिस की मौजूदगी में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती जारी रही।
प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि मतगणना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया में सभी निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है और परिणाम आने में समय लग सकता है।
मतगणना को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सबकी नजर अंतिम नतीजे पर टिकी है। हालांकि, कथित हेराफेरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और चुनाव परिणाम ही स्थिति स्पष्ट करेगा।







