
औरंगाबाद: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए औरंगाबाद में गृह प्रवेश, चाबी एवं स्वीकृति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उनके अपने घर के सपने को साकार करना रहा। कार्यक्रम में औरंगाबाद विधायक श्री त्रिविक्रम नारायण सिंह भी शामिल हुए। समारोह में विधायक का स्वागत किया गया। वहीं विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा को बुके भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पूर्ण हो चुके आवासों में लाभार्थियों का गृह प्रवेश कराया गया। लाभार्थियों को घर की चाबी एवं निर्धारित लाभांश का वितरण किया गया, जबकि नए स्वीकृत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। पक्के घर मिलने से इन परिवारों के जीवन स्तर में सुधार के साथ उनके भविष्य को भी नई मजबूती मिल रही है।जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने और निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने की बात कही।
वहीं, विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत और सम्मान की योजना है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद परिवारों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो और कोई भी पात्र परिवार पक्के घर से वंचित न रहे। समारोह में गृह प्रवेश और चाबी मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता जताई।






