रोहतास: अपने सिर पर छत और रहने के लिए स्थायी जमीन की मांग को लेकर रोहतास जिले के दर्जनों भूमिहीन परिवार जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। दिनारा समेत जिले के विभिन्न इलाकों से आए करीब 70 से 80 महिला-पुरुषों ने प्रशासन से जल्द आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा और अपर समाहर्ता (एडीएम) को मांग-पत्र भी सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजना के तहत भूमिहीन परिवारों को 3 से 5 डिसमिल तक आवासीय भूमि देने का प्रावधान है। इसके बावजूद जिगना, करंज, बेलवैया, अरंग, सिमरा और दिनारा क्षेत्र के कई परिवार पिछले दो से तीन वर्षों से जमीन के पर्चे के लिए अंचल कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस लाभ नहीं मिला है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि अपनी जमीन नहीं होने के कारण कई परिवार अस्थायी स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां वे अस्थायी रूप से रहते हैं, वहां जमीन को लेकर विवाद होता रहता है। कई बार दबंगों या स्थानीय लोगों द्वारा मुकदमे दर्ज कराए जाते हैं और कुछ मामलों में परिवारों के आशियाने तक उजाड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में सिमरा गांव में भी कई परिवारों के घर तोड़े जाने का मामला सामने आया था।
भूमिहीन परिवारों का कहना है कि स्थायी पता और जमीन नहीं होने के कारण उन्हें पेयजल सहित कई सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनका सवाल है कि जब सरकार की योजना में भूमिहीनों को जमीन देने का स्पष्ट प्रावधान है, तो उन्हें इसका लाभ आखिर कब मिलेगा।
ग्रामीणों ने रोहतास डीएम के साथ-साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी मामले में हस्तक्षेप कर जल्द आवासीय जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन का पर्चा चाहिए ताकि वे अपने परिवार के लिए सुरक्षित घर बना सकें और सम्मान के साथ जीवन जी सकें।







