ओम प्रकाश माथुर बने केरल के नए राज्यपाल, अर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी
Om Prakash Mathur appointed new Governor of Kerala; Arlekar gets responsibility for Tamil Nadu.

तिरुवनंतपुरम: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के पूर्व सदस्य ओम प्रकाश माथुर को केरल का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की जगह लेंगे, जिन्हें तमिलनाडु का राज्यपाल बनाया गया है। राज्यपालों के फेरबदल के तहत सिक्किम में भी बदलाव किया गया है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

ओम प्रकाश माथुर का भाजपा संगठन में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने पार्टी में प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। केरल का राज्यपाल बनने से पहले वह सिक्किम के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। उनके राजनीतिक सफर में दो बार राज्यसभा सदस्य के तौर पर काम करना, भाजपा के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष का पद संभालना और विभिन्न राज्यों में चुनावी गतिविधियों का प्रबंधन करना शामिल है।

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माथुर का जन्म राजस्थान के पाली जिले के बेडल गांव में हुआ था। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1972 में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया और राजस्थान के विभिन्न जिलों में संगठनात्मक कार्य किया। इसके बाद उन्होंने किसान संघ में संगठन मंत्री की जिम्मेदारी निभाई। उनके आधिकारिक परिचय के अनुसार, आपातकाल के दौरान उन्हें 11 महीने जेल में भी रहना पड़ा था।

राजस्थान में भाजपा संगठन के साथ काम करते हुए माथुर वर्ष 1989 से 2002 तक महासचिव (संगठन) रहे। बाद में उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर सचिव और महासचिव सहित कई पदों पर जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2008 में उन्हें भाजपा राजस्थान का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसी वर्ष वह पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने और 2014 तक उच्च सदन में रहे। वर्ष 2016 में वह दूसरी बार राज्यसभा पहुंचे और 2022 तक सदस्य रहे। इस दौरान उन्होंने संसदीय समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई।

माथुर वर्ष 2015 से 2022 तक भाजपा के अखिल भारतीय उपाध्यक्ष रहे। इसके अलावा, वह 2022 से 2024 तक पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रहे। उन्होंने मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, झारखंड और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में संगठनात्मक कार्यों और चुनाव अभियानों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।

केरल में उनकी नियुक्ति के साथ राज्यपाल के पद पर नया कार्यकाल शुरू होगा। वहीं, राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु और दुष्यंत गौतम सिक्किम में राज्यपाल की जिम्मेदारी संभालेंगे।