अमेरिका: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी के बीच पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनावी अभियान के दौरान ओबामा ने आरोप लगाया कि ट्रंप की नीतियों के कारण ईरान को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दबाव बनाने का अवसर मिला है। उन्होंने ईरान के साथ सैन्य टकराव और कनाडा पर लगाए गए भारी टैरिफ को भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया।
ओबामा के अनुसार, होर्मुज में ईरान की मजबूत स्थिति का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। इस समुद्री मार्ग से तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित होने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी और महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पहले जहां इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में जहाज गुजरते थे, वहीं अब आवाजाही काफी घट गई है। हालांकि, इन आंकड़ों और समुद्री यातायात की मौजूदा स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतें भी राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन गई हैं। ट्रंप ने पेट्रोल की कीमतों में कमी लाने का वादा किया था, लेकिन उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कीमतों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाला है। ओबामा ने इसी मुद्दे को उठाते हुए ट्रंप की आर्थिक और विदेश नीति की आलोचना की।
ओबामा के आरोपों पर ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल के जरिए पलटवार किया। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ओबामा प्रशासन ने ईरान को आर्थिक लाभ पहुंचाया और उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए रास्ता आसान किया। इस बयानबाजी से दोनों दलों के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत हैं।
इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने की आशंका ने समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता पैदा कर दी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि यदि अमेरिका और इजराइल ईरान पर फिर हमला करते हैं, तो ईरान खाड़ी क्षेत्र की समुद्री संचार केबलों को निशाना बनाने पर विचार कर सकता है।
समुद्र के नीचे बिछी केबलें अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट यातायात, ऑनलाइन बैंकिंग, क्लाउड सेवाओं और वैश्विक कारोबार के लिए अहम हैं। हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट बैंडविड्थ का हिस्सा सीमित बताया जाता है। इसलिए यहां केबलों को नुकसान पहुंचने से पूरी दुनिया का इंटरनेट बंद होना जरूरी नहीं, लेकिन कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क धीमा पड़ सकता है और डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।







