क्रिकेट पर वाडा की सख्ती, आईसीसी टियर-1 श्रेणी में शामिल
WADA takes a strict stance on cricket; includes it in the Tier-1 category

नयी दिल्ली: विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने क्रिकेट को ओलंपिक खेलों में शामिल किए जाने के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को अपनी प्राथमिकता नीति के तहत टियर-2 से टियर-1 श्रेणी में रखने का फैसला किया है। इस बदलाव के बाद क्रिकेट में डोपिंग रोधी निगरानी और जांच की सख्ती बढ़ने की उम्मीद है। नई व्यवस्था अगले वर्ष एक जनवरी से लागू होगी।

वाडा के अनुसार, खेलों का वर्गीकरण मुख्य रूप से इस आधार पर किया जाता है कि वे ओलंपिक या पैरालंपिक खेलों के कार्यक्रम में शामिल हैं या नहीं। क्रिकेट लंबे अंतराल के बाद लॉस एंजिलिस ओलंपिक में वापसी करने जा रहा है। ऐसे में आईसीसी को उच्च प्राथमिकता वाली श्रेणी में शामिल करना वैश्विक खेलों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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ओलंपिक खेलों के आधार पर वर्गीकरण

वाडा की टियर प्रणाली का उद्देश्य डोपिंग के जोखिम और उसके संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए निगरानी के संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करना है। टियर-1 में शामिल खेल संघों और देशों को अधिक प्राथमिकता के साथ डोपिंग रोधी निगरानी का सामना करना पड़ता है।

इस श्रेणी में विश्व बैडमिंटन महासंघ, अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा), अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ, अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ, अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति, अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ, वर्ल्ड बॉक्सिंग और विश्व एथलेटिक्स जैसे प्रमुख संगठन भी शामिल हैं।

ओलंपिक कार्यक्रम में स्क्वाश को जगह मिलने के कारण विश्व स्क्वाश महासंघ को भी टियर-3 से टियर-1 श्रेणी में स्थानांतरित किया गया है। यह बदलाव ओलंपिक में शामिल खेलों के लिए डोपिंग रोधी निगरानी को अधिक प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाता है।

भारत भी कड़ी निगरानी वाली श्रेणी में

भारत उन 50 देशों में शामिल है जो पिछले तीन वर्षों से वाडा की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली श्रेणी में बने हुए हैं। इस सूची में अमेरिका और चीन जैसे देश भी शामिल हैं। भारत की स्थिति का संबंध देश में डोपिंग के अधिक मामले सामने आने से है, जिसके चलते खिलाड़ियों की जांच और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वाडा प्रत्येक दो वर्ष में टियर वर्गीकरण की समीक्षा करेगा। यदि किसी देश या खेल संघ की श्रेणी में बदलाव होता है, तो संबंधित पक्षों को कम से कम दो महीने पहले सूचना दी जाएगी।

आईसीसी के टियर-1 में आने से क्रिकेट में डोपिंग नियंत्रण की जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था को अधिक मजबूत करने की आवश्यकता होगी। ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी के साथ खिलाड़ियों की निष्पक्षता और खेल की विश्वसनीयता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।