
भोपाल। मध्यप्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, भिण्ड और रतलाम सहित कई शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग हटाने और पुलिस द्वारा वाटर कैनन के इस्तेमाल की घटनाएं भी सामने आईं।
इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान धक्का-मुक्की हुई। ग्वालियर में प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स हटाकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया। यहां पुलिस बल तैनात रहा।
उज्जैन में कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और बैरिकेडिंग हटाकर मुख्य गेट तक पहुंच गए। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। जबलपुर में टाउन हॉल से कलेक्ट्रेट की ओर निकली रैली को घंटाघर पर पुलिस ने रोक दिया। बैरिकेड्स पार करने के प्रयास के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। भिण्ड में भी प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन का उपयोग किया गया।
रतलाम में पुतला दहन किया गया, जबकि पांढुर्णा में प्रदर्शनकारियों ने पुतले को जंजीर से बांधकर घसीटने के बाद आग लगा दी। देवास में पुतले की अर्थी निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
मुरैना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन पुरानी कलेक्ट्रेट की दीवार पर चस्पा किया। कटनी में युवा कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले जलाए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति बनी।
श्योपुर और अनूपपुर में कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाए। मैहर और मंदसौर में भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए।
कांग्रेस का आरोप है कि SIR और मतदाता सूची से संबंधित मामलों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। पार्टी ने इन मुद्दों पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस कार्यसमिति ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और कई राज्यों में SIR रोकने की मांग की थी।
इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त के कामकाज और SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया और SIR की वैधता से जुड़े सवाल उठाए गए हैं।






