नयी दिल्ली:भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरन वैनडाइक को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिरासत में लिया है। बाल्टीमोर में जन्मा 46 वर्षीय वैनडाइक कोई सामान्य विदेशी नागरिक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जुड़ा एक विवादित और रहस्यमयी चेहरा माना जा रहा है। उस पर आतंक से जुड़े संपर्क, सीमा पार गतिविधियों में संलिप्तता और ड्रोन युद्ध का प्रशिक्षण देने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से बेहद चिंताजनक हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, वैनडाइक ने खुद को अलग-अलग भूमिकाओं में पेश किया है—कभी भाड़े का सैनिक, कभी खुफिया विश्लेषक और कभी लोकतंत्र के समर्थक के रूप में। उसका अतीत कई युद्धग्रस्त क्षेत्रों से जुड़ा रहा है, जिनमें लीबिया, सीरिया और यूक्रेन जैसे देश शामिल हैं। इन संघर्षों में उसकी सक्रिय भागीदारी ने उसे एक “ग्लोबल वार ऑपरेटर” के रूप में पहचान दिलाई है।
बताया जा रहा है कि वैनडाइक की गतिविधियां केवल युद्ध क्षेत्रों तक सीमित नहीं थीं, बल्कि वह आधुनिक युद्ध तकनीकों, खासकर ड्रोन संचालन और प्रशिक्षण से भी जुड़ा रहा है। यही वजह है कि उसकी भारत में मौजूदगी और कथित नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। शुरुआती जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि वह कुछ संदिग्ध संपर्कों के जरिए भारत में अपनी गतिविधियों को विस्तार देने की कोशिश कर रहा था।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ संभावित अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा करता है। फिलहाल NIA उससे गहन पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क, संपर्कों व भारत में मौजूदगी के उद्देश्य का पता लगाने में जुटी है।







