बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में गोवंश के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात हुई मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को मोतीपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर खुर्द गांव में गोवंश के अवशेष मिले थे। मामले में गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए थे।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के अनुसार, 27 और 28 सितंबर की मध्यरात्रि मुखबिर से सूचना मिली कि घटना में शामिल संदिग्ध दोबारा इसी तरह की वारदात को अंजाम देने की कोशिश में हैं और लौकही की ओर जाने वाले हैं। सूचना के आधार पर मोतीपुर थाना प्रभारी ब्रह्म गौड़ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोपिया बैराज मार्ग पर बाढ़ राहत केंद्र बंधा मोड़ कंजड़वा के पास चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान गायघाट की तरफ से मोटरसाइकिल पर तीन लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में सोनू पुत्र मुल्ला के दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने पीछा कर दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र मुल्ला, शहजाद उर्फ कलूटे और सोनू पुत्र भुसैली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस, 1,940 रुपये नकद, मोटरसाइकिल, तराजू और बाट, मांस काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का ठीहा तथा तीन चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी के खिलाफ पहले भी गोवध निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं में अलग मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।







