चक्रवात ‘अर्नब’ का खतरा: छत्तीसगढ़ में हाई अलर्ट, 779 राहत शिविर तैयार
Threat of Cyclone ‘Arnab’: High alert in Chhattisgarh; 779 relief camps set up

रायपुर: बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई है। संभावित आपदा से निपटने के लिए 12 जिलों को अति संवेदनशील घोषित करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की व्यापक तैयारी की गई है।

चार जिलों में रेड अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे सकता है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और 200 मिलीमीटर तक बारिश होने का अनुमान है। चार जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि रायपुर समेत कई जिलों को ऑरेंज अलर्ट की श्रेणी में रखा गया है।

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मौसम विज्ञानी गायत्री वाणी के अनुसार, शुरुआती दौर में दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ प्रभावित हो सकते हैं। इसके बाद उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।

779 राहत शिविरों में एक लाख लोगों के ठहरने की व्यवस्था

राज्य सरकार ने सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद और रायपुर को अति संवेदनशील जिलों में शामिल किया है। इन जिलों के 763 बाढ़ प्रभावित गांवों की पहचान की गई है। अन्य 21 जिलों में भी 1,006 संवेदनशील गांव चिह्नित किए गए हैं।

संभावित बाढ़ और जलभराव से प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए राज्यभर में 779 राहत शिविर तैयार किए गए हैं। इनमें लगभग एक लाख लोगों के ठहरने की क्षमता है। शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

SDRF-NDRF की टीमें तैयार

आपदा प्रबंधन के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की सात टीमें तैयार रखी गई हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों की तैनाती की भी तैयारी है। इसके अलावा नगर सेना के 828 प्रशिक्षित जवानों और 3,895 आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएंगी। स्वास्थ्य केंद्रों को भी चिकित्सकों और आवश्यक दवाइयों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। दंतेवाड़ा में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

किसानों को फसल सुरक्षित रखने की सलाह

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों को अगले दो से चार दिनों तक धान सहित अन्य फसलों की कटाई स्थगित रखने की सलाह दी है। कटी हुई उपज को सुरक्षित और ढके स्थानों पर रखने तथा खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

इंद्रावती, शबरी और गोदावरी नदियों के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है। आपात स्थिति में नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक बाहर नहीं निकलने और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।