नयी दिल्ली: कांग्रेस लोकसभा सांसद शशि थरूर ने राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के नाम बुधवार को एक खुला पत्र जारी करते हुए उनकी चिंताओं का समर्थन किया और केंद्र सरकार से युवाओं के साथ सार्थक संवाद करने की अपील की।
श्री थरूर ने पत्र के माध्यम से कहा कि निष्पक्ष और योग्यता आधारित परीक्षा व्यवस्था ही मध्यम और निम्न आय वर्ग के युवाओं के लिए आगे बढ़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने पत्र में अपने जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं, जहां उनके पिता वेतनभोगी कर्मचारी थे और एक आय में तीन बच्चों की शिक्षा का खर्च चलता था। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, निष्पक्ष परीक्षाएं और ईमानदार परिणाम ही उनके जैसे परिवारों के बच्चों के सपनों को पूरा करने का आधार बने।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जब पेपर लीक होते हैं, परीक्षाएं रद्द होती हैं तो व्यवस्था पर से भरोसा उठता है, तब सबसे अधिक नुकसान मेहनत करने वाले युवाओं और उनके परिवारों को होता है, जबकि संपन्न वर्ग के पास आगे बढ़ने के अन्य विकल्प मौजूद रहते हैं। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए श्री थरूर ने कहा कि उनका आक्रोश अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि उस पीढ़ी की पीड़ा है जिसने पूरी ईमानदारी से मेहनत की, फिर भी व्यवस्था ने उसे निराश किया। उन्होंने युवाओं से उम्मीद न खोने की अपील करते हुए कहा कि देश का भविष्य उन्हीं के हाथों में है।
साथ ही उन्होंने समाजसेवी सोनम वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया। श्री थरूर ने कहा कि संसद का सत्र शुरू होने पर छात्रों के मुद्दों को लोकतंत्र के सर्वोच्च मंच पर उठाया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार से भी छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा कि यही लोकतांत्रिक नेतृत्व की पहचान है।







