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मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, 9 उग्रवादी गिरफ्तार; 6 आईईडी समेत हथियार बरामद

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Security forces conduct major operation in Manipur, arrest nine militants; recover weapons including six IEDs

मणिपुर में सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए अलग-अलग अभियानों में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े नौ उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। उनसे हथियार, गोला-बारूद व अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों ने रविवार को जानकारी साझा की।  पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मणिपुर पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त अभियान में थोउबल, तामेंगलोंग, काकचिंग, चंदेल, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम जिलों से नौ उग्रवादियों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए उग्रवादी कई तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे, जिनमें अपहरण और जबरदस्ती चंदा वसूलना शामिल है। उग्रवादी संगठन रंगदारी के लिए अक्सर चंदा शब्द का इस्तेमाल करते हैं।सुरक्षाकर्मियों ने पकड़े गए उग्रवादियों के पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज, चंदे की रसीदें, कैश, प्रतिबंधित संगठनों की मुहरें और लेटरहेड, बाओफेंग कम्युनिकेशन हैंडसेट और कई अन्य चीजें बरामद की।

कहां से मिला हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा?
एक और संयुक्त अभियान में सुरक्षा बलों ने तेंगनौपाल जिले के मोरेह थाने के तहत आने वाले एक जंगल इलाके से हथियार और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया। इस इलाके की सीमा म्यांमार से लगती है और यहां कोई बाड़ नहीं लगी है।बरामद चीजों में एक 9 एमएम की पिस्टल, एक डबल-बैरल बंदूक, छह रेडियो सेट, दो हैंड ग्रेनेड और छह शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बम निरोधक दस्ते ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

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डीजीपी ने मणिपुर राइफल्स का दौरा क्यों किया?
इस बीच, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने कानून-व्यवस्था और खुफिया विभाग के प्रभारी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के साथ इंफाल में मणिपुर राइफल्स की ऐतिहासिक पहली बटालियन का दौरा किया। यह राज्य की सबसे पुरानी बटालियनों में से एक है और इसका 134 साल पुराना इतिहास है। दौरे के दौरान डीजीपी को मणिपुर पुलिस के इतिहास के बारे में जानकारी दी गई, जिसमें 1892 में पहली मणिपुर राइफल्स के गठन से लेकर समय के साथ इसके विकास और योगदान के बारे में बताया गया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मणिपुर पुलिस न केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी है, बल्कि राज्य के इतिहास, विकास और संस्थागत सुधारों का भी एक अहम हिस्सा है। डीजीपी ने ब्रिटिश-युग की हेरिटेज बटालियन की कई अहम सुविधाओं का निरीक्षण किया, जिनमें क्वार्टर गार्ड, मणिपुर पुलिस ऑफिसर्स क्लब, बैंक्वट हॉल, ट्रांसपोर्ट विंग, परेड ग्राउंड, चर्च, मंदिर, कैंटीन और पेट्रोल पंप शामिल हैं। उन्होंने बटालियन के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी बातचीत की। इस दौरान यूनिट को बेहतर बनाने, तैनाती के नियमों का पालन करने, नियमित निरीक्षण और नियमों के पालन से जुड़े तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। बटालियन के लगातार विकास और आज की पुलिसिंग की जरूरतों के हिसाब से प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए जरूरी सुझाव और राय साझा की गई।