आरओडीटीईपी योजना 31 दिसंबर तक बढ़ी
RoDTEP scheme extended until December 31.

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यातित उत्पादों पर केंद्रीय और राज्य स्तर के शुल्कों, करों तथा उपकरों की छूट से जुड़ी आरओडीटीईपी योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। वाणिज्य विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर योजना की अवधि को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।

सरकार के इस फैसले से घरेलू सीमा-शुल्क क्षेत्र (डीटीए) की इकाइयों के साथ-साथ अग्रिम प्राधिकरण (एए) धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की इकाइयों और निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) को लाभ मिलेगा। इन इकाइयों द्वारा किए जाने वाले पात्र निर्यात पर आरओडीटीईपी योजना के तहत निर्धारित लाभ जारी रहेंगे।

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निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की प्रतिपूर्ति (आरओडीटीईपी) योजना का उद्देश्य ऐसे केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों, करों तथा उपकरों की प्रतिपूर्ति करना है, जिनका निर्यातित उत्पादों की लागत पर प्रभाव पड़ता है और जिनकी किसी अन्य व्यवस्था के तहत वापसी नहीं हो पाती। इसमें उत्पादन और आपूर्ति के पिछले चरणों में जमा अप्रत्यक्ष कर भी शामिल हैं।

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, योजना की विस्तारित अवधि के दौरान मौजूदा आरओडीटीईपी दरों और मूल्य सीमाओं में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके लिए संबंधित परिशिष्ट 4आर और परिशिष्ट 4आरई में अधिसूचित मौजूदा दरें और मूल्य सीमाएं ही प्रभावी रहेंगी।

आरओडीटीईपी योजना को आगे बढ़ाने का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में सहायता देना है। सरकार के अनुसार, निर्यातित वस्तुओं पर ऐसे शुल्कों और करों का बोझ कम करने से भारतीय उत्पादों की लागत को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद मिलती है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजारों में विभिन्न देशों के उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। योजना के विस्तार से पात्र निर्यातकों को मौजूदा व्यवस्था के तहत निर्धारित लाभ मिलता रहेगा और निर्यात गतिविधियों को समर्थन देने की सरकार की नीति को आगे बढ़ाया जा सकेगा।