महाकुंभ से चर्चित युवती को हाईकोर्ट से राहत, जन्मतिथि बदलने का आदेश रद्द
Relief from High Court for young woman who gained fame at Mahakumbh; order to change date of birth quashed.

इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने प्रयागराज महाकुंभ-2025 के दौरान चर्चा में आई युवती को राहत देते हुए उसकी जन्मतिथि में बदलाव के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) के आदेश को निरस्त कर दिया है। अदालत ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया कि युवती को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद उसके पिता के आवेदन पर कानून के अनुसार नए सिरे से निर्णय लिया जाए।

न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह ने युवती और उसके पति की ओर से दायर रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि जन्मतिथि में संशोधन के लिए युवती के पिता द्वारा दिए गए आवेदन की जानकारी उसे नहीं दी गई थी और न ही सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया था।

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याचिका के अनुसार, दंपति ने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था। युवती और उसके पति ने आरोप लगाया कि अंतरधार्मिक विवाह के बाद युवती के परिजनों ने उनके रिश्ते का विरोध किया और उसका मूल जन्म प्रमाण-पत्र बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए निरस्त करा दिया।

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि एक जनवरी 2008 है, जो महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी मूल जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में दर्ज है। उनका आरोप था कि जन्मतिथि में बदलाव के बाद पति के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में युवती को नाबालिग बताया गया।

युवती के पिता की शिकायत पर पति के खिलाफ महेश्वर थाने में भारतीय न्याय संहिता, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

वहीं, राज्य सरकार और युवती के पिता की ओर से पेश वकीलों ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि महेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रसूति रजिस्टर में युवती की जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 दर्ज है। उनके अनुसार, अस्पताल का रिकॉर्ड मिलने के बाद पूर्व में जारी जन्म प्रमाण-पत्र को नियमानुसार संशोधित किया गया था।

प्रतिवादी पक्ष ने यह भी कहा कि मामला तथ्यों के विवाद से जुड़ा है। अदालत ने जन्मतिथि के विवाद पर अंतिम निष्कर्ष देने के बजाय सुनवाई का अवसर सुनिश्चित करते हुए सीएमओ को नए सिरे से निर्णय लेने का निर्देश दिया।