
नयी दिल्ली:भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे यात्रियों की जेब पर सीधा असर पड़ सकता है। नए नियमों के तहत अब टिकट रद्द कराने के समय के अनुसार कटौती की दरों में बदलाव किया गया है और कुछ स्थितियों में रिफंड पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
रेलवे बोर्ड के अनुसार, यदि कोई यात्री ट्रेन छूटने से 24 से 72 घंटे पहले टिकट कैंसिल करता है, तो कुल किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। पहले यह कटौती 24 से 48 घंटे के बीच लागू होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 72 घंटे तक कर दिया गया है। वहीं, अगर यात्री 8 से 24 घंटे के बीच टिकट रद्द कराता है, तो उसे 50 प्रतिशत राशि गंवानी पड़ेगी, जबकि पहले यह नियम 4 से 24 घंटे की अवधि के लिए लागू था।
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा। यानी यात्रियों को समय से पहले टिकट रद्द कराने की योजना बनानी होगी, वरना पूरा किराया डूब सकता है।
इसके अलावा, 72 घंटे से पहले टिकट कैंसिल कराने पर भी अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार निश्चित शुल्क काटा जाएगा। फर्स्ट एसी में प्रति यात्री 240 रुपये, एसी टू में 200 रुपये, थर्ड एसी और एसी चेयर कार में 180 रुपये, स्लीपर क्लास में 120 रुपये और सेकेंड क्लास में 60 रुपये की कटौती तय की गई है।
रेलवे ने बुकिंग प्रणाली में भी सुधार किए हैं। 1 अक्टूबर 2025 से IRCTC के माध्यम से टिकट बुक करने वाले यात्रियों के लिए शुरुआती 15 मिनट में आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि फर्जी बुकिंग पर रोक लगाई जा सके और वास्तविक यात्रियों को सुविधा मिल सके।






