होशियारपुर: पंजाब सरकार के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को सांझा मुलाजिम मंच के आह्वान पर सामूहिक आकस्मिक अवकाश लिया और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के आंदोलन का असर होशियारपुर के कई सरकारी विभागों के कामकाज पर पड़ा।उपायुक्त कार्यालय, एसडीएम व तहसील कार्यालय, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, कृषि, बागवानी, स्वास्थ्य, जिला उद्योग केंद्र, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, आबकारी और कोषागार समेत कई विभागों के कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
पुरानी पेंशन और डीए बकाया समेत कई मांगें
कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, लंबित महंगाई भत्ते (DA) का बकाया जारी करने और बंद किए गए भत्तों को बहाल करने की मांग उठाई। इसके अलावा एसीपी लाभ लागू करने, अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने और टाइपिंग टेस्ट की जगह कंप्यूटर प्रशिक्षण लागू करने की मांग भी की गई।
स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों पर भी असर
सामूहिक अवकाश के कारण जिले के कई सरकारी स्कूलों में शिक्षक और लिपिकीय कर्मचारी ड्यूटी से दूर रहे, जिससे नियमित कामकाज प्रभावित हुआ। गवर्नमेंट कॉलेज होशियारपुर में भी नियमित स्टाफ की अनुपस्थिति के चलते विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही।वहीं, पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के समर्थन के कारण सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुईं तथा कुछ वैकल्पिक सर्जरी स्थगित की गईं। हालांकि, आपातकालीन, प्रसूति एवं शिशु सेवाएं, भर्ती मरीजों का इलाज और पोस्टमार्टम जैसी जरूरी सेवाएं जारी रहीं।
रोडवेज सेवा सामान्य, कई संगठन आंदोलन में शामिल
पंजाब रोडवेज के नियमित कर्मचारी भी प्रदर्शन में शामिल हुए, लेकिन जिले में सरकारी बसों का संचालन सामान्य रहा। आम आदमी क्लीनिक सांझा फ्रंट और नेशनल हेल्थ मिशन कर्मचारी यूनियन समेत कई संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया।कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की मांग की है। गुरुवार को जालंधर में सरकार के साथ बैठक प्रस्तावित होने की बात कही गई है।







