Protests continue for the sixth day after student's death at IIT Delhi; director warns of disciplinary action

नयी दिल्ली: दिल्ली स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Delhi) में 31 वर्षीय एमएससी छात्र की कथित आत्महत्या के बाद छात्र विरोध प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी रहा। इसी बीच संस्थान के निदेशक रंगन बनर्जी ने परिसर में कथित तौर पर धमकी भरी और अपमानजनक नारेबाजी करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।

निदेशक ने शुक्रवार को विद्यार्थियों को भेजे ईमेल में कहा कि बृहस्पतिवार रात प्रदर्शन काफी उग्र हो गया था और इसका असर संस्थान के आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गया। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने रात करीब 10:30 बजे से 12:30 बजे तक शिक्षकों के आवासीय परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।

GNSU Admission Open 2026

बनर्जी ने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ लोगों ने अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यवहार से शिक्षकों और उनके परिवारों की सुरक्षा, निजता तथा शांतिपूर्ण जीवन पर असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसर के शांतिपूर्ण संचालन में बाधा डालने वालों के खिलाफ संस्थान की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

छात्र कर रहे हैं स्वतंत्र जांच की मांग

छात्र की मौत के बाद प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थी मामले की स्वतंत्र जांच, संस्थान के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मृत छात्र के परिवार के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि घटना की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

जांच समिति का पुनर्गठन

इस बीच, IIT दिल्ली ने छात्र की मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गठित बाहरी समिति का पुनर्गठन किया है। दिल्ली उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता को समिति का प्रमुख बनाया गया है।

संस्थान परिसर में 22 अगस्त को एक इमारत से गिरने के बाद छात्र की मौत हुई थी, जिसे पुलिस ने प्रथमदृष्टया कथित आत्महत्या का मामला बताया है। घटना के बाद से छात्र समुदाय में नाराजगी बनी हुई है और परिसर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।संस्थान प्रशासन और प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बीच गतिरोध के बीच अब बाहरी जांच समिति की रिपोर्ट पर सभी की निगाहें टिकी हैं।