कूचबिहार/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र प्रधानमंत्री Narendra Modi रविवार को उत्तर बंगाल के कूचबिहार से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करेंगे। ऐतिहासिक रास मेला मैदान में आयोजित ‘विजय संकल्प सभा’ में प्रधानमंत्री पार्टी की राज्य स्तरीय रणनीति और विकास का विजन प्रस्तुत करेंगे। भाजपा ने इस रैली को राज्य में कथित ‘सिंडिकेट राज’ और ‘कट-मनी संस्कृति’ के अंत का प्रतीक बताया है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री का यह दौरा बंगाल को भय और असुरक्षा के माहौल से निकालकर विश्वास और विकास की दिशा में ले जाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रैली के माध्यम से भाजपा ‘विश्वासघात’ के अध्याय को समाप्त कर सुरक्षा और सुशासन की नई शुरुआत का संदेश देना चाहती है। इस दौरान प्रधानमंत्री हाल ही में भाजपा द्वारा जारी ‘जनता की चार्जशीट’ में उठाए गए मुद्दों को प्रमुखता से सामने रख सकते हैं, जिसमें राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं। रैली के बाद आगामी चुनावों को देखते हुए राज्यभर में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा जनसभाओं, रोड शो और संगठनात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू की जाएगी, जिससे चुनावी माहौल और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में उत्तर बंगाल भाजपा का मजबूत गढ़ रहा था।
इस बार भी पार्टी इसी क्षेत्र से अपनी स्थिति को और सुदृढ़ करने की रणनीति पर काम कर रही है। राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मालदा हिंसा की एनआईए जांच के बीच एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2026 में दिल्ली में भाजपा सरकार का पतन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल को निशाना बना रही है, जबकि उनकी पार्टी अब दिल्ली की राजनीति पर फोकस करेगी। प्रधानमंत्री के इस दौरे के बाद राज्य में चुनावी गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जिससे बंगाल का सियासी पारा और चढ़ गया है।







