नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के पावन पर्व के शुभारंभ पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के चरणों में नमन करते हुए सभी के जीवन में शांति, धैर्य और आत्मविश्वास के संचार की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रार्थना की कि मां का आशीर्वाद देश के सभी नागरिकों पर सदैव बना रहे।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में मां शैलपुत्री को शांति और पवित्रता का प्रतीक बताते हुए उनका वंदन किया। उन्होंने कहा कि मां की कृपा से प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में धैर्य और आत्मविश्वास का उजाला फैले। साथ ही उन्होंने देशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
नवरात्र हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित है। नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में श्रद्धालु पूजा-अर्चना, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से मां दुर्गा की उपासना करते हैं। इस पर्व को शक्ति की आराधना और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। उन्हें नंदी पर विराजमान और हाथों में त्रिशूल तथा कमल धारण किए हुए दर्शाया जाता है। उनकी आराधना को पवित्रता, दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक शक्ति से जोड़कर देखा जाता है।
देश के विभिन्न हिस्सों में नवरात्र अलग-अलग परंपराओं और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ मनाया जाता है। गुजरात में गरबा और डांडिया रास उत्सव का प्रमुख आकर्षण होते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के भव्य पंडाल और सामुदायिक आयोजन विशेष महत्व रखते हैं। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और अन्य राज्यों में भी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व विजयादशमी के साथ संपन्न होता है। दशहरा सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देता है। प्रधानमंत्री के शुभकामना संदेश में शांति, आत्मविश्वास और सकारात्मकता के साथ इस पावन पर्व को मनाने की भावना प्रमुख रही।







