वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की पर रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यूक्रेन को ऐसे नए नेतृत्व की जरूरत है, जो शांति समझौते के लिए तैयार हो। ट्रंप के इस बयान का रूस ने स्वागत किया है, जबकि यूक्रेन और यूरोपीय देशों की ओर से अमेरिकी ऊर्जा नीति को लेकर चिंता जताई गई है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि जेलेंस्की के पास समझौता करने के कई अवसर थे, लेकिन उन्होंने उनका इस्तेमाल नहीं किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सुझाव दिया कि यूक्रेन को ऐसा नेता चुनना चाहिए, जो युद्ध समाप्त करने के लिए समझौता कर सके। उन्होंने अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के लिए भी जेलेंस्की को जिम्मेदार ठहराया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आर्थिक दूत किरिल दिमित्रिव ने ट्रंप के बयान का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि ट्रंप भी अब उन लोगों में शामिल हो गए हैं, जो यूक्रेन में ऐसे नेतृत्व की जरूरत मानते हैं, जिसका ध्यान युद्ध जारी रखने के बजाय शांति स्थापित करने पर हो।
रूस से डीजल खरीदने के फैसले पर विवाद
ट्रंप का यह बयान रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले पर जेलेंस्की की आलोचना के बाद आया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईंधन की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण पाने के उद्देश्य से रूस से डीजल की आपूर्ति का समझौता किया है। ट्रंप के अनुसार, रूस अमेरिकी और वैश्विक बाजार में तत्काल तीन लाख टन से अधिक डीजल उपलब्ध कराएगा, जबकि नवंबर में पांच लाख टन अतिरिक्त ईंधन की आपूर्ति की जाएगी।
जेलेंस्की ने इस समझौते को रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए ‘उपहार’ बताते हुए कहा कि रूस को पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति देना उस युद्ध को आर्थिक मदद देने जैसा है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। यूरोपीय अधिकारियों ने भी चिंता जताई है कि इस सौदे से रूस को युद्ध के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिल सकते हैं।
ईंधन की कीमतों को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका में डीजल की कीमतों में तेजी के बीच ट्रंप ने कहा कि उन्होंने जेलेंस्की से रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमले रोकने को कहा था। उनका दावा है कि ऐसे हमलों से वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित होती है और अमेरिकी किसानों तथा पशुपालकों को परेशानी होती है।
ईरान और यूक्रेन में जारी संघर्षों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में रूस से ईंधन खरीदने के अमेरिकी फैसले और ट्रंप की जेलेंस्की पर की गई टिप्पणियों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।







