मुंबई: नेशनल पेरेंट्स डे के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों ने अपने माता-पिता के त्याग, सहयोग और उनसे मिली जीवन की सीखों को याद करते हुए भावुक अनुभव साझा किए। ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे अभिनेता इक़बाल खान ने कहा कि पिता बनने के बाद उन्हें अपने माता-पिता के त्याग और समर्पण का वास्तविक महत्व समझ में आया है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनकी जरूरतों और सपनों को प्राथमिकता दी तथा उन्हें विनम्र, दयालु और आभारी बने रहने की सीख दी।
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में शनाया का किरदार निभा रहीं मुस्कान बामने ने कहा कि कम उम्र में अभिनय के सपने को पूरा करने के लिए घर छोड़ना आसान नहीं था, लेकिन उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि माता-पिता का भरोसा उनकी सबसे बड़ी ताकत रहा है और उन्होंने उन्हें हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास रखना सिखाया।
‘हस्तिनापुर के वीर’ में शकुनि की भूमिका निभा रहे चंदन आनंद ने कहा कि उनके माता-पिता उनके सबसे बड़े शिक्षक रहे हैं। उन्होंने उन्हें विनम्र बने रहने, महिलाओं का सम्मान करने, लोगों के साथ दयालुता से पेश आने और भौतिक चीजों के प्रति अधिक मोह न रखने जैसे मूल्य सिखाए, जो आज भी उनके जीवन का मार्गदर्शन करते हैं।
वहीं ‘यादें’ में डॉ. सृष्टि अग्रवाल का किरदार निभा रहीं गुलकी जोशी ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें सिखाया कि दयालुता कभी कमजोरी नहीं होती। उन्होंने कहा कि बचपन से ही उन्होंने अपने माता-पिता को सभी लोगों के साथ सम्मान और अपनत्व से व्यवहार करते देखा, जिसने उनके व्यक्तित्व को गहराई से प्रभावित किया।







