
नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम की जीवनरेखा मानी जाने वाली ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल पूर्वोत्तर भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है और इससे खासतौर पर गुवाहाटी और उत्तरी गुवाहाटी के बीच आवागमन में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह 1.24 किलोमीटर लंबा और छह लेन वाला आधुनिक पुल पूर्वोत्तर क्षेत्र का पहला एक्सट्राडोज्ड पुल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे गुवाहाटी और उत्तरी गुवाहाटी के बीच यात्रा का समय 45 से 60 मिनट से घटकर मात्र 7 से 10 मिनट रह जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि मालवाहक वाहनों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बड़ी गति मिलेगी।
इस पुल का निर्माण तकनीकी दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहा, क्योंकि ब्रह्मपुत्र नदी का प्रवाह, चौड़ाई और भौगोलिक परिस्थितियां बेहद जटिल हैं। एक्सट्राडोज्ड डिजाइन के कारण यह पुल अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित है। निर्माण के दौरान सुरक्षा, गुणवत्ता और पर्यावरण मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी ने इसे क्षेत्र के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
यह पुल न केवल शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव को कम करेगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूत करेगा। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्रों को भी नई गति मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के ‘मिशन नॉर्थ-ईस्ट’ का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।






