बैतूल: मध्य प्रदेश में बैतूल शहर की सुंदरता बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद ने शनिवार को अवैध प्रचार सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बिजली के पोल, पेड़ों और डिवाइडरों पर बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर, बैनर, झंडियां और अन्य प्रचार सामग्री हटाई गई।
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से शहर के बिजली पोल और पेड़ विभिन्न प्रकार की प्रचार सामग्री से ढक गए थे। इससे न केवल शहर की सौंदर्यता प्रभावित हो रही थी, बल्कि नगर पालिका को विज्ञापन शुल्क के रूप में मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा था। कई स्थानों पर लटकते बैनर और पोस्टर यातायात में बाधा तथा दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे थे।
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नवनीत पांडेय के निर्देश पर कार्रवाई के लिए विशेष दल का गठन किया गया। दल का प्रभारी राजस्व निरीक्षक बृजगोपाल परते को बनाया गया, जबकि विद्युत प्रभारी उपयंत्री जतिन पाल, अमित सक्सेना, समयपाल इसरार कुरैशी तथा अन्य कर्मचारियों को अभियान में शामिल किया गया। आज सुबह से शुरू हुए अभियान के दौरान टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों, डिवाइडरों, पेड़ों और बिजली के पोलों पर अवैध रूप से लगाए गए प्रचार सामग्री को हटाया। नगर पालिका की टीम ने सीढ़ियों और अन्य उपकरणों की मदद से एक-एक कर पोस्टर, बैनर और झंडियां हटाईं।
दल प्रभारी बृजगोपाल परते ने बताया कि दिनभर चली कार्रवाई में लगभग 300 छोटे-बड़े पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री हटाई गई। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रचार सामग्री पर लगाने वाले व्यक्ति या संस्था का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, जिससे जिम्मेदार लोगों की पहचान नहीं हो सकी। इसी कारण संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई फिलहाल नहीं की जा सकी।
नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्रचार सामग्री लगाना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में आगे भी नियमित अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों, संस्थाओं और राजनीतिक-सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे नगर पालिका की अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर या अन्य प्रचार सामग्री न लगाएं, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।







