
रायपुर: छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक मानसूनी गतिविधियों में अपेक्षाकृत कमी रहने की संभावना है। इस दौरान तेज बारिश की रफ्तार थमने और दिन में धूप निकलने से उमस लोगों को परेशान कर सकती है। हालांकि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और पश्चिमी बंगाल तट के आसपास सक्रिय हो रहे नए साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 13 से 15 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज होने के आसार हैं।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहेंगे। दोपहर से शाम के बीच कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश अथवा बौछारें पड़ सकती हैं। मानसून ट्रफ के आगे बढ़ने के कारण फिलहाल भारी बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 16 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर तथा बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले अलर्ट के दायरे में हैं।
इसके अलावा रायपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग, बेमेतरा और राजनांदगांव के साथ रायगढ़ के कुछ इलाकों में भी मौसम बदलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के हिस्सों में बना मानसून ट्रफ आगे बढ़ रहा है। दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से और पश्चिमी बंगाल तट के पास नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 से 15 अगस्त के बीच छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियों का नया दौर शुरू होने की संभावना है। इस अवधि में प्रदेश के कई शहरों और इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।
बुधवार को भारी बारिश की गतिविधियां सीमित रहने से दिन के समय धूप निकलने की संभावना है, जिससे तापमान के साथ उमस का असर महसूस हो सकता है। वहीं स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से दोपहर और शाम के दौरान कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार बने रहेंगे।






